राज्य सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि 16 जिलों में 649 बेसहारा लोगों की पहचान की गई है और उनके पुनर्वास के लिए कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने 16 जिलों में कार्रवाई किए जाने पर सख्त रुख अपनाया है।
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश के बेघर व बेसहारा लोगों के पुनर्वास मामले में 75 में से सिर्फ 16 जिलों में कार्रवाई किए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। इससे असंतुष्ट कोर्ट ने पहले के आदेशों के तहत उठाए गए कदमों की जानकारी अफसरों से मांगी है।
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कोर्ट ने मामले में पूरे प्रदेश में समुचित कारवाई का आदेश अफसरों को दिया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने यह आदेश ज्योति राजपूत की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में राजधानी समेत प्रदेश के जिलों में मंदिरों, अस्पतालों, फुटपाथों आदि के पास रहने वाले बेघर, बेसहारा, मानसिक मंदित लोगों की पीड़ा के मुद्दे को उठाया गया है।
याची ने ऐसे लोगों के समुचित इलाज समेत शरण देने के निर्देश जारी करने की गुजारिश की है। राज्य सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि 16 जिलों में 649 बेसहारा लोगों की पहचान की गई है और उनके पुनर्वास के लिए कदम उठाए गए हैं।