हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने याजदान बिल्डर्स का हजरतगंज स्थित यजदान अपार्टमेंट गिराने के आदेश के खिलाफ फ्लैट खरीदारों की याचिका पर राज्य सरकार एवं एलडीए को जवाब दाखिल करने का मौका दिया है। अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। कोर्ट ने मामले में कोई स्टे नहीं जारी किया। न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने निधि अग्रवाल सहित चार खरीदारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को यह आदेश दिया।
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एलडीए ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अपार्टमेंट का नक्शा वर्ष 2019 में ही निरस्त कर दिया गया था। याचियों ने इसके बाद फ्लैट खरीदे। ऐेसे में उन्हें कोई राहत नहीं दी जा सकती। कहा कि वास्तव में याचिका बिल्डर की ओर से फ्लैट खरीदारों को आगे कर दाखिल करवाई गई है।
विधिक राय के बाद अपार्टमेंट पर चलेगा हथौड़ा
एलडीए अब विधिक राय लेने के बाद ही यजदान अपार्टमेंट पर हथौड़ा चलाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हाईकोर्ट ने प्राधिकरण से जवाब में शपथ पत्र मांगा है। कोर्ट के इस आदेश का अध्ययन करने व विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि हाईकोर्ट ने अपार्टमेंट तोड़ने की कार्रवाई को नहीं रोका है। एलडीए अब आदेश आने के बाद ही कार्रवाई करेगा।