सिंचाई विभाग में कार्यरत कुछ कर्मियों को पिछले दो-तीन वर्षों से भुगतान न किए जाने को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने कहा है कि याचिकाकर्ताओं की समस्या का दो माह में निपटारा किया जाए। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने यह आदेश रामचंद्र व छह अन्य की याचिका पर दिए।
याचिका में कहा गया कि याचीगण वर्ष 2011 से सिंचाई विभाग में वाटर डवलपमेंट टीम में कार्यरत हैं। उनमें से कुछ को जून 2017 से, कुछ को फरवरी 2017 से और कुछ कोमार्च 2016 से भुगतान नहीं किया गया है।