उनका कहना था कि प्रदेश की सभी जेलों में सुरक्षा के सख्त इंतजाम होने चाहिए। इसके लिए पर्याप्त स्टाफ मुहैया करवाना जाए। इसके अलावा 75 वर्ष से अधिक उम्र वाले और बीमार बंदियों की रिहाई के निर्देश भी सरकार को देने चाहिए।
बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या की जांच सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए। राज्य सरकार के वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की मांग की। चीफ जस्टिस दिलीप बाबासाहेब भोसले और जस्टिस विवेक चौधरी ने इसके लिए उन्हें तीन हफ्ते का समय दिया। इसके बाद याचिका पर अगली सुनवाई होगी।