हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को दुर्गा शक्ति नागपाल के समर्थन में दायर की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई की।
दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को नियोक्ता और कर्मचारी के बीच का मसला बताते हुए कोर्ट ने कहा कि इसका फैसला राज्य सरकार ही कर सकती है।
बेंच ने कहा, चूंकि दुर्गा शक्ति ने याचिका खुद दाखिल नहीं की है, इसलिए निलंबन के मामले में निर्देश देना उचित नहीं है।
हालांकि, बेंच ने राज्य और केंद्र की सरकार को आड़े हाथों लिया। बेंच ने केंद्र और अखिलेश सरकार से दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन से पहले और बाद में अवैध खनन पर की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी मांगी है।
इसमें दोनों ही सरकारों को चालान से लेकर दर्ज किए गए सारे मामलों की रिपोर्ट देनी होगी। कुछ जानकारों की मानें तो इसका जवाब देना भारी पड़ सकता है।
बेंच ने यह भी कहा कि अवैध खनन हमारे लिए ही नहीं, बल्कि सरकारों और पूरे देश के लिए गंभीर सरोकार का विषय है। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं।
जानकारी देने के लिए बेंच ने केंद्र व राज्य सरकार को दो हफ्ते का वक्त दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 19 अगस्त को तय हुई है।