इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश में बाल संरक्षण गृहों के खस्ता हालात में सुधार को लेकर दायर मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को विपक्षी पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई में इस आयोग की मौजूदगी जरूरी है, जिससे प्रकरण का समाधान किया जा सके। अदालत ने यह कदम बच्चों के हित में जरूरी बताया।
खंडपीठ ने कहा कि पूर्व में अदालत ने संरक्षण गृहों के सोशल आडिट के संबंध में आदेश दिए थे। उस वक्त अदालत को बताया गया था कि सोशल ऑडिट के नतीजों की अभी प्रतीक्षा हो रही है।