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UP News: यूपी के जिलों में कैसी हैं स्वास्थ्य सुविधाएं! हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा हिसाब; एसीएस को किया तलब

Thu, 06 Aug 2026 10:16 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

हाईकोर्ट ने सरकार से यूपी के जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का हिसाब मांगा है। वेंटिलेटर, मेडिकल सुविधाओं और निजी अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था पर केंद्र व राज्य सरकार से जवाब तलब किया गया है। सभी जिलों में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की योजना पर भी जवाब मांगा। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और वेंटिलेटरों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। कोर्ट ने निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के नियमन संबंधी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। 

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बृहस्पतिवार को कोर्ट के आदेश पर चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अदालत में पेश हुए। खंडपीठ ने पूरक जवाबी हलफनामा दाखिल करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 21 सितंबर तय की है।

आम लोगों के उपचार से जुड़े अन्य मुद्दे उठाए गए

न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश वी द पीपल संस्था के महासचिव प्रिंस लेनिन की 2016 की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल विश्वविद्यालयों में वेंटिलेटरों की उपलब्धता तथा आम लोगों के उपचार से जुड़े अन्य मुद्दे उठाए गए हैं। 

कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि नए मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में उपलब्ध संसाधन स्थानीय जरूरतों को किस हद तक पूरा कर रहे हैं। साथ ही, लखनऊ के राम मनोहर लोहिया आयुर्वेद संस्थान और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्वेद संस्थान की तर्ज पर कितने विशेषीकृत अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अन्य जिलों में खोले जा चुके हैं या खोले जाने का प्रस्ताव है। अदालत ने पिछले पांच वर्षों में वेंटिलेटर संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की भर्ती और निजी अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था का भी विवरण मांगा गया है।

अधूरे हलफनामे पर जताई नाराजगी

16 जुलाई को दाखिल राज्य सरकार के जवाबी हलफनामे को हाईकोर्ट ने अपर्याप्त माना। कोर्ट ने कहा कि उसमें मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारियों का अभाव है। इसी कारण अपर मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब किया गया और सभी बिंदुओं पर विस्तृत पूरक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया।

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