लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के 88 गांवों में अपर्याप्त भूगर्भ जल की समस्या पर चिंता जताई है। कोर्ट ने संबंधित सरकारी विभागों के अफसरों से 19 अगस्त तक इस समस्या के समाधान का प्रस्ताव पेश करने की उम्मीद जताई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पहले दिए गए आदेश के अनुपालन का हलफनामा दाखिल किया है। वहीं, यूपी जल निगम ने प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए महीने भर का समय मांगा है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश उत्कर्ष लोकसेवा संस्थान की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में लखनऊ के कई इलाकों में पीने के पानी और अपर्याप्त भूगर्भ जल का मुद्दा उठाया गया है। कोर्ट ने पहले एलडीए समेत अन्य विभागों से आवासीय योजनाओं में वर्षा जल संचयन पर प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। केंद्रीय जल आयोग सहित अन्य पक्षकारों ने भी अपने जवाबी हलफनामे दाखिल किए हैं। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अल्पकालिक व दीर्घकालिक समाधान के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया है।