हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि प्रदेश के महिला व बाल संरक्षण गृहों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद में क्या प्रगति हुई है। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ ने सरकार को 30 अप्रैल को शपथपत्र पर प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
राजधानी समेत प्रदेश के महिला एवं बाल संरक्षण गृहों की खस्ता हालत में सुधार के मुद्दे पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 5 सितंबर 2018 को सरकार को सभी संरक्षण व सुधार गृहों में सीसीटीवी कैमरे लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने सरकार को इसके लिए तीन माह का समय दिया था।
लखनऊ खंडपीठ ने बीते शुक्रवार को इस प्रकरण में सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के उक्त निर्देशों पर अमल की प्रगति के बारे में पूछा। कोर्ट में हाजिर महिला एवं बाल कल्याण विभाग के विशेष सचिव ने बताया कि राज्य सरकार इसके लिए सभी जिलों के सक्षम प्राधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर चुकी है।