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हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा, प्रदेश के संरक्षण गृहों में सीसीटीवी कैमरे लगाने में क्या हुई प्रगति

Tue, 23 Apr 2019 11:39 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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Lucknow High Court
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हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि प्रदेश के महिला व बाल संरक्षण गृहों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद में क्या प्रगति हुई है। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ ने सरकार को 30 अप्रैल को शपथपत्र पर प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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राजधानी समेत प्रदेश के महिला एवं बाल संरक्षण गृहों की खस्ता हालत में सुधार के मुद्दे पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 5 सितंबर 2018 को सरकार को सभी संरक्षण व सुधार गृहों में सीसीटीवी कैमरे लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने सरकार को इसके लिए तीन माह का समय दिया था।

लखनऊ खंडपीठ ने बीते शुक्रवार को इस प्रकरण में सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के उक्त निर्देशों पर अमल की प्रगति के बारे में पूछा। कोर्ट में हाजिर महिला एवं बाल कल्याण विभाग के विशेष सचिव ने बताया कि राज्य सरकार इसके लिए सभी जिलों के सक्षम प्राधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर चुकी है। 
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इस पर अदालत ने कहा कि अभी तक इन्हें निदेशालय व हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में स्थित जुवेनाइल जस्टिस सेक्रेटेरियट से लिंक किए जाने के आदेश जारी नहीं किए गए।

मामले की सुनवाई के बाद लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के 5 सितंबर 2018 के आदेश के क्रम में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में हुई प्रगति का जानकारी अगली तिथि पर शपथपत्र पर दी जाए। 

इसके साथ ही सरकार को पिछले दिनों कुछ संरक्षण गृहों के मुआयने की रिपोर्ट भी पेश करने के निर्देश दिए हैं। खंडपीठ ने अगली सुनवाई 30 अप्रैल को नियत करते हुए कहा कि शुक्रवार को सुनवाई के समय मौजूद अधिकारियों में से एक को छोड़कर अन्य अधिकारी अगली सुनवाई के समय भी मौजूद रहेंगे। 
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