हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने फिल्म ‘पीके’ को दिखाने पर रोक लगाने की गुजारिश वाली पीआईएल पर केंद्र सरकार का पक्ष मांगा है। कोर्ट ने इस बाबत केंद्र सरकार के अधिवक्ता को सरकार से निर्देश लेने के लिए हफ्ते भर का समय दिया है।
दर्जनभर स्थानीय वकीलों के एक संगठन ने फिल्म में हिंदू धर्म की प्रथाओं के खिलाफ कथित रूप से इनकी छवि धूमिल करने वाली टिप्पणियां करने आदि के आरोप लगाकर इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा व जस्टिस ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने सोमवार को यह आदेश हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की पीआईएल पर दिया। याचियों ने फिल्म सेंसर बोर्ड की तरफ से इसे दिखाने के लिए दिए गए यू/ए प्रमाणपत्र को रद्द करने समेत फिल्म को पूरी तरह से बैन करने की भी गुजारिश की है।
याचियों के अधिवक्ता हरिशंकर जैन के मुताबिक पीआईएल में आरोप है कि इस फिल्म में हिंदू देवताओं, मान्यताओं, आस्थाओं व हिंदू पूजा पद्धति पर अशोभनीय टिप्पणियां व चर्चाएं की गई हैं। यह संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है।