उधर, सरकारी वकील का कहना था कि चारों विधायकों को आवंटन वर्ष 2016 के सरकारी आवासों को देने से संबंधित अधिनियम और नियमों के मुताबिक किया गया है। पहले अदालत ने मामले में सरकारी वकील को कहा था कि राज्य संपत्ति विभाग के प्रमुख सचिव का विस्तार से जवाबी हलफनामा दाखिल किया जाए अन्यथा भारी हर्जाना लगाया जाएगा।
बीते शुक्रवार को सरकारी वकील ने जवाब दाखिल कर दिया। याचिका में प्रदेश सरकार के जरिए राज्य संपत्ति विभाग के प्रमुख सचिव, राज्य संपत्ति अधिकारी समेत चारों विधायकों को पक्षकार बनाया गया है।