लखनऊ। हाईकोर्ट ने पार्षद ललित किशोर तिवारी को पांच महीने बाद भी शपथ न दिलाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। यह मामला वार्ड 73 फैजुल्लागंज से संबंधित है। न्यायालय ने कहा कि यदि अगली सुनवाई तक शपथ नहीं दिलाई गई, तो डीएम, नगर आयुक्त और मेयर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देना होगा।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने यह आदेश ललित किशोर तिवारी की याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याचिकाकर्ता ने बताया कि निर्वाचन न्यायाधिकरण ने उन्हें 19 दिसंबर 2025 को निर्वाचित घोषित किया था, लेकिन अब तक उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई है। इस बीच पूर्व निर्वाचित सदस्य अभी भी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि जिला मजिस्ट्रेट ने 23 जनवरी और 10 फरवरी को नगर आयुक्त को निर्वाचन न्यायाधिकरण के फैसले की जानकारी दी थी। उन्होंने धारा 85 के तहत शपथ दिलाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए थे। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार ने भी 4 फरवरी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। न्यायालय ने अगली सुनवाई 13 मई निर्धारित की है।