इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने वर्ष 2016 में की गई 12,460 सहायक अध्यापकों की भर्ती रद्द कर दी है। इन भर्तियों के लिए प्रदेश सरकार ने 21 दिसंबर, 2016 को विज्ञापन निकाला था।
हाईकोर्ट ने सरकार को इन पदों के लिए फिर से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। कहा है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया तीन माह में पूरी करे। सरकार को निर्देश दिया कि भर्ती में काउंसलिंग के लिए कट ऑफ पहले से निर्धारित रखें।
इस मामले में 32 याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए जस्टिस इरशाद अली ने अपने निर्णय में कहा कि उन अभ्यर्थियों को जिनके अपने जिले में भर्तियां नहीं हो रही थीं, दूसरे जिलों में काउंसलिंग के लिए प्रथम वरीयता पर रखना कानून के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।
हाईकोर्ट ने साथ ही इस विवाद में उप्र बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी किए गए सर्कुलर को भी इस आधार पर खारिज कर दिया कि वे सभी अक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए थे।