धर्मनगरी अयोध्या आतंकी निशाने पर है।
इसका संकेत गोरखपुर में नेपाल बॉर्डर पार करके घुसे दो खूंखार आतंकियों की गिरफ्तारी से मिल रहा है। इसके मद्देनजर अयोध्या में हाई अलर्ट कर दिया गया है।
पुलिस और खुफिया टीमें हर आने-जाने वालों समेत होटलों-धर्मशालाओं और सार्वजनिक स्थलों पर नजर रख रही हैं।
डीआईजी और एसएसपी ने तलाशी करने समेत विवादित परिसर के रेड व येलो जोन में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
दोनों अफसरों का कहना है कि आतंकियों से एटीएस की पूछताछ से मिले इनपुट का इंतजार है, लेकिन संवेदनशील स्थानों व संदिग्धों की तलाशी बुधवार आधी रात से ही की जा रही है।
राममंदिर आंदोलन के बाद से ही अयोध्या हमेशा आतंकी निशाने पर रही है।
यहां पुलिस प्रशासन को बुधवार आधी रात जैसे ही नेपाल के रक्सौल इलाके में करीब सप्ताहभर से छिपे दो आतंकियों के गोरखपुर में मिलने की सूचना मिली, खलबली मच गई।
रात एक बजे अयोध्या कोतवाली में पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ पहुंचे और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिए।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों आतंकियों के पाकिस्तानी होने की पुष्टि लगभग हो चुकी है।
इंडियन मुजाहिदीन मॉड्युल के इन आतंकियों के निशाने पर अयोध्या में चैत्ररामनवमी मेला और वाराणसी में नरेंद्र मोदी की रैली होने की बात सामने आ रही है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी नीलाब्जा चौधरी ने एसएसपी को सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर रखने का गुरुवार को पत्र भी लिखा है।
इसकी पुष्टि करते हुए डीआईजी ने कहा कि एटीएस से अभी कोई बात नहीं हुई है, लेकिन मेला व चुनाव में अयोध्या की संवेदनशीलता के मद्देनजर आतंकी हमेशा योजनाएं बनाते रहते हैं।
इसे कतई सफल नहीं होने दिया जाएगा। हर स्तर पर मुकम्मल इंतजाम के निर्देश दे दिए गए हैं।
अयोध्या में नवरात्र मेला 31 मार्च से शुरू हो रहा है, छह अप्रैल की रात से दो दिन तक लाखों श्रद्धालुओं के आने का आतंकी कहीं फायदा न उठाएं, इसे लेकर प्रशासन को एटीएम से इनपुट का इंतजार है।
पकड़े गए आतंकी अफगानिस्तान के तालिबान कैंप में फिदाइन ट्रेनिंग ले चुके बताए जा रहे हैं। इनका नाम मुर्तजा व ओबैश सामने आ रहा है।
ये आईएम सरगना रियाज भटकल के संपर्क में भी माने जा रहे हैं। भटकल को लेकर यहां विहिप व संतों की 84 कोसी परिक्रमा व बाद में सावन मेला से लेकर शरद नवरात्र मेला तक आतंकी वारदातें अंजाम देने का इनपुट आता रहा है।
पुलिस आईएम मॉड्युल का कोई आतंकी आसपास हो, तो इसके लिए एटीएस के संकेत का इंतजार कर रही है।
फिलहाल शासन से फोर्स की डिमांड जल्द पूरी करने को कहा गया है। साथ ही विवादित परिसर समेत आसपास निगरानी के लिए लगे कैमरों को दुरुस्त कराने का काम तेज हो गया है।
30 फीसदी से अधिक कैमरे खराब
अयोध्या के रेड व येलो जोन की सुरक्षा की निगरानी के लिए लगाए गए करीब 80 कैमरों में 30 फीसदी से अधिक खराब बताए जा रहे हैं। डीआईजी नीलाब्जा चौधरी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पीएचक्यू से खराब कैमरे बदलने का धन मिल चुका है, मेला के पहले सभी कैमरे दुरुस्त कर लिए जाएंगे।