सिविल अस्पताल में बाल रोग विभाग के मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने से एक दिन पहले चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन अपने अमले के साथ बृहस्पतिवार को सिविल अस्पताल पहुंच गए।
बाल रोग विभाग के नवनिर्मित भवन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सकों के कमरे में घटिया फर्नीचर देखकर वो भड़क उठे।
सीएमएस और एमएस से पुराना फर्नीचर लगाने का कारण पूछा तो पता चला कि वो अभी ही खरीदकर आया है। इस पर उन्होंने नाराजगी जतायी।
चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन लगभग दो बजे प्रमुख सचिव प्रवीर कुमार, एनआरएचएम निदेशक अमित घोष, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. डी.के.श्रीवास्तव, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. बलजीत अरोड़ा और सीएमओ डॉ. एस.एन.एस.यादव के साथ सिविल अस्पताल पहुंचे थे।
उनके पहुंचते ही सिविल अस्पताल के दोनों गेट बंद कर दिए गए। इसके चलते बाहर के मरीज बाहर और अंदर के अंदर रह गए। लगभग ढाई घंटे तक उन्होंने पूरे भवन के एक-एक तल और एक-एक कमरे का निरीक्षण किया।
भूतल पर पंजीकरण काउंटर देखा। इसके बाद जब वो प्रथम तल पर जाने के लिए लिफ्ट के पास पहुंचे तो वहां ऑपरेटर नहीं मिला। कर्मचारी को लापता देखकर उन्होंने नाराजगी जतायी।
इसके बाद वो प्रथम तल पहुंचे और चिकित्सकों के कमरों को जायजा लिया। वहां कुर्सी मेज घटिया देखकर नाराजगी जतायी और पूछा कि नया फर्नीचर क्यों नहीं खरीदा गया?
इस पर उन्हें बताया कि फर्नीचर तो नया है। ये पता चलने पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों का जमकर फटकारा। लगभग ढाई घंटे तक वो पूरे भवन की व्यवस्था देखी और कमियों को सुधारने के लिए कहा।