लखनऊ। लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के रैन बसेरे में 24 घंटे तक तड़पने वाले मरीज के मामले में केजीएमयू प्रशासन हरकत में आया। शुक्रवार सुबह रैन बसेरे का अधिकारियों ने निरीक्षण किया। हालांकि, इलाज के लिए रुपये न होने पर मरीज घर लौट गया था। वहीं, घटना के बाद संस्थान ने मरीजाें के हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
सीतापुर निवासी रवींद्र कुमार को 26 नवंबर को कार्डियोलॉजी विभाग की इमरजेंसी में लाया गया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद मरीज की इमरजेंसी से छुट्टी कर दी थी और ओपीडी में दिखाने की सलाह दी थी। भाई धमेंद्र का आरोप है कि ओपीडी में डाॅक्टर ने ऑपरेशन की बात कहकर एक लाख रुपये खर्च होने की बात कही। रुपये न होने की स्थिति वह मरीज को लेकर लौट गए।
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मरीज को तत्काल भर्ती कर समुचित इलाज दिया गया था। मरीज को उनकी हालत के अनुसार ओपीडी में फॉलोअप के लिए भेजा गया था। उन्होंने बताया कि लारी कार्डियोलॉजी में मरीजों का लोड अधिक है। किसी मरीज को बेवजह भर्ती रखा जाए तो अन्य गंभीर मरीज को समय पर उपचार मिलने में बाधा आएगी। लिहाजा विभाग की नीति के अनुरूप केवल चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर ही मरीजों को भर्ती किया जाता है।
असुविधा होने पर यहां करें संपर्क
केजीएमयू प्रशासन ने लारी में मरीजों को दिक्कतों से बचाने के लिए हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। प्रवक्ता ने बताया कि यदि किसी मरीज को भर्ती प्रक्रिया या ओपीडी में दिखाने में असुविधा होती है तो वे कार्डियोलॉजी विभाग के पीआरओ कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर 9415099528 पर संपर्क कर सकते हैं।