डाटा केयर ने रेलवे अस्पतालों के लिए नर्स कॉल सिस्टम भी विकसित किया है, जिसे सप्लाई करने के लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। इसके तहत मरीज के बेड पर ही बटन लगाया जाएगा, जिसके दबते ही नर्स को मौके पर भेजा जाएगा।
एसी चेयरकार में सफर करने वाले यात्रियों को अब पैनिक बटन दबाने पर चिकित्सकीय या अन्य सहायता मुहैया कराई जाएगी। चेयरकार के लिए पैनिक बटन सिस्टम तैयार हो चुका है। पहले चरण में तेजस व शताब्दी में इसकी सुविधा दी जाएगी।
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रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की सुविधा के लिए चेयरकार ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे व पैनिक बटन या कॉल सिस्टम की घोषणा की थी। शताब्दी व डबलडेकर जैसी ट्रेनों में यह व्यवस्था होनी थी। इस क्रम में डाटा केयर इंडिया सिस्टम की ओर से पैनिक बटन कॉल सिस्टम विकसित किया गया है, जिसे हाल ही में आरडीएसओ में इनो रेल प्रदर्शनी में लगाया भी गया था। आरडीएसओ के डीजी संजीव भूटानी ने इस सिस्टम से जुड़ी सारी जानकारियां ली थीं। पैसेंजर कॉल सिस्टम को उत्तर रेलवे के जगधारी में इस्तेमाल भी किया जा रहा है।
जल्द ही उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल, मुरादाबाद, दिल्ली, फिरोजपुर व अम्बाला मंडलों की एसी चेयरकार ट्रेनों में इसे इंस्टॉल किया जा सकता है। डाटा केयर के अमित सिंह ने बताया कि यह पैनिक बटन एसी चेयरकार की हर सीट पर लगाया जाएगा। मदद की आवश्यकता पर यात्री इस बटन को दबाएगा तो अटेंडेंट को स्क्रीन पर सीट नंबर की जानकारी मिल जाएगी। वह तत्काल यात्री की मदद करेगा। मेडिकल इमरजेंसी होने पर अटेंडेंट रेलवे कंट्रोल रूम को सूचित करेगा, जो यात्री के इलाज की व्यवस्था करेगा। इतना ही नहीं सिक्योरिटी से जुड़ा मुद्दा होने पर तत्काल आरपीएफ जवानों को सूचना दी जाएगी।
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नर्स कॉल सिस्टम मरीजों के लाभकारी
उधर, दूसरी ओर डाटा केयर ने रेलवे अस्पतालों के लिए नर्स कॉल सिस्टम भी विकसित किया है, जिसे सप्लाई करने के लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। इसके तहत मरीज के बेड पर ही बटन लगाया जाएगा, जिसके दबते ही नर्स को मौके पर भेजा जाएगा। डाटा केयर की ओर से इंजन मॉनिटरिंग सिस्टम भी बनाया गया है, जो लोको की हर गतिविधि को मॉनिटर करेगा।