मुजफ्फरनगर व शामली के ऐसे मुस्लिम परिवार जो सांप्रदायिक हिंसा के बाद कैम्पों में रह रहे हैं और अपने घरों को लौटने को तैयार नहीं हैं, प्रदेश सरकार ने पुनर्वास के लिए प्रति परिवार पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है।
इस एकमुश्त आर्थिक सहायता पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यहां बताया कि सरकार द्वारा इन परिवारों को एकमुश्त सहायता देने का निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि ये परिवार कैम्पों आदि में न रहें व अपने को पुनर्वासित कर जहां चाहें वहां पर अपना जीवन यापन कर सकें।
प्रवक्ता ने बताया कि मुजफ्फ रनगर व शामली में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के बाद तमाम मुस्लिम परिवार स्थानीय प्रशासन द्वारा इंगित गांवों से विस्थापित होकर कैम्पों में चले गये थे।
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मुजफ्फरनगर के छह व शामली के तीन गांवों के अधिकतर मुसलिम परिवार पलायन कर गये हैं।
शासन ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर इन्हें पुनर्वासित कराने के लिए सहायता देने का फैसला किया।
प्रवक्ता ने बताया कि दोनों जिलों में करीब 1800 ऐसे परिवार हैं जो हिंसा से प्रभावित होकर अपना गांव छोड़कर पलायन कर गए हैं।
मुजफ्फरनगर के ग्राम फु गाना में मुस्लिम समुदाय के 330 परिवार, कुटबा के 205, कुटबी के 58, मोहम्मदपुर राय सिंह के 67, काकड़ा के 265, मुण्डभर के 40 मुस्लिम परिवारों द्वारा पलायन किया गया।
इसी तरह शामली के लॉक गांव के 276 व बहावड़ी में 235 व लिसाढ़ के 325 मुस्लिम परिवारों द्वारा पलायन किया गया।
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