रायबरेली। जिले में शनिवार सुबह से मौसम बदला और जोरदार बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। बछरावां में तीन घंटे जोरदार बारिश हुई। इससे पूरे कस्बे का जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। बारिश से भीषण उमस से राहत मिली तो साथ ही धान की फसल की रोपाई में भी किसानों को मदद मिली। खीरों में पेड़ गिरने से 10 घंटे यातायात प्रभावित रहा। जिले में शनिवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया।
भोर पहर से बादल छाए रहे और बछरावां, महराजगंज, हलोर, सतांव, भोजपुर, सरेनी, ऊंचाहार, सेमरी, डीह में तेज बारिश हुई। शहर में हल्की बारिश हुई। शनिवार को भोर पहर चार बजे से बारिश शुरू हुई, जो सुबह 11 बजे तक हुई। इसके बाद घूप निकली, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रही।
बारिश होनेे से किसानों ने धान की रोपाई का काम तेज कर दिया है। जहां पर नर्सरी सूख रही थी, वहां पर बारिश से नर्सरी को संजीवनी मिली है। भोजपुर में शनिवार सुबह चार बजे से लेकर आठ बजे तक झमाझम बारिश हुई। इससे कच्चे मार्गों पर कीचड़ हो गया है। इससे लोगों को पूरे दिन आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
भोजपुर, दलीपुर, चहोतर में सड़क से निकलना मुश्किल भरा रहा। सेमरी में रात करीब 10 बजे से बारिश का दौर शुरु हुआ जो शनिवार सुबह सात बजे तक होती रही। बरसात से लोगों को उमस से राहत मिली। शनिवार को जिले में नौ मिमी बारिश हुई। अधिकतम तापमान में 2.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़त रही। शनिवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री रहा।
इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज अमेठी के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि मानसून सक्रिय हो गया है। अगले दो दिन में मध्यम बारिश होने की संंभावना है।
बछरावां सीएचसी में तीन फिट तक भरा पानी
बछरावां में बीती रात लगभग एक बजे से बारिश शुरू हुई जो शनिवार सुबह आठ बजे तक होती रही। इस बीच रुक-रुक कर तो कभी तेज बारिश हुई। इससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन फिट तक पानी भर गया। मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कस्बे के लगभग छह से सात मोहल्ले में जलभराव रहा। कस्बे की पटेल नगर कॉलोनी में साधन सहकारी समिति के प्रांगण में पानी भर गया।
पेड़ गिरने से दस घंटे ठप रहा यातायात
खीरों में शनिवार सुबह तीन बजे शुरू हुई बारिश से शारदा सहायक पुरवा मुख्य ब्रांच नहर पटरी पर शीतला मंदिर उदवतपुर के पास सड़क पर पेड़ गिर गया। जिससे सड़क का आवागमन ठप हो गय। ऐसे में इस मार्ग से आने जाने वाले वाहनों को पांच किमी चक्कर लगाकर गुजरना पड़ा। दोपहर बाद ग्रामीणों ने पेड़ को काटकर सड़क से बाहर किया। करीब दस घंटे बाद आवागमन बहाल हुआ।