लू के थपेड़ों और आग बरसाती गर्मी ने शहरवासियों का स्वास्थ्य खराब होने लगा है। भयंकर गर्मी, उमस और शरीर झुलसा देने वाली गर्मी ने लोगों को अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया है।
हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा है। आलम ये है कि इमरजेंसी में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है और डॉक्टर जमीन पर इलाज करने को मजबूर है।
डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक शरीर का पूरा संतुलन खराब कर देता है। पानी की कमी होते ही रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से कम होती है और व्यक्ति कमजोरी का शिकार होने के साथ अस्पताल पहुंच जाता है।
सिविल अस्पताल के फिजीशियन डॉ. वीवी त्रिपाठी बताते हैं कि ऐसे मौसम में खानपान को लेकर सावधानी बहुत जरूरी है। शुद्ध और स्वच्छ खानपान नहीं होगा तो हीट स्ट्रोक के साथ दूसरे संक्रामक रोग का खतरा है। साफ सुथरा पानी पीने के साथ हल्का खाना खाना चाहिए। अधिक तले भुने खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए ।