लखनऊ। केसरीखेड़ा फ्लाईओवर के दो हिस्सों के जुड़ने में बाधक बने बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स को लेकर मंगलवार को एलडीए के न्यायालय में सुनवाई होगी। इसके लिए एलडीए के जोनल अधिकारी एसपी सिंह की तरफ से कॉम्प्लेक्स के मालिक राजेश यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, फ्लाईओवर के रास्ते में 10 मकानें व दुकानें अवरोधक बनी हैं।
एलडीए के न्यायालय में सुनवाई के बाद पता चलेगा कि केसरीखेड़ा सहित आसपास की करीब पांच लाख आबादी को फ्लाईओवर पर आवागमन की सुविधा कब से मिलेगी। राजेश यादव को नोटिस के जवाब में बताना पड़ेगा कि उनका कॉम्प्लेक्स एलडीए से स्वीकृत मानचित्र के आधार पर बना या नहीं, जबकि एलडीए के नोटिस में कहा गया है कि राजेश यादव ने ग्रीनलैंड का भू-उपयोग परिवर्तित कराए बिना ही व्यावसायिक निर्माण कराया है, जो अवैध है।
सुनवाई में जोनल अधिकारी के संतुष्ट न होने पर फ्लाईओवर को रोकने वाले कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने का आदेश जारी हो सकता है। ऐसा हुआ तो राजेश यादव को कम से कम 15 से 30 दिन की मोहलत मिलेगी। कॉम्प्लेक्स के अवैध घोषित होने पर इसका मुआवजा अटक सकता है। राजेश यादव को ग्रीनलैंड के सर्किल रेट करीब 3620 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से ही मुआवजा मिलेगा, जबकि राजेश यादव का कहना कि जमीन का सर्किल रेट 10,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।