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शिक्षामित्रों के लिए बुरी खबर, मामला फिर कोर्ट में!

Wed, 17 Sep 2014 11:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट एक साथ सुनवाई करेगा। इस प्रकरण को लेकर अब तक चार याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं।
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याचिकाओं में शिक्षामित्रों के संगठनों ने भी पक्षकार बनाए जाने की अर्जी दी है, जिसे मंगलवार को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष यह प्रकरण आज रखा गया।

खंडपीठ ने सभी याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए नौ अक्तूबर को प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। यह भी कहा है कि इस दौरान पक्षकार यदि कोई प्रपत्र या जवाब, प्रतिउत्तर आदि दाखिल करना चाहते हैं तो कर दें।
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बेसिक शिक्षा परिषद ने दी थी मंजूरी

अंशुमान श्रीवास्तव की याचिका पर सुनवाई के समय यह मामला उठा। अदालत को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जवाब दाखिल किया जा चुका है।

अवकाश कालीन बेंच में एकल न्यायपीठ के यहां मामला दाखिल किया गया था। पूर्व की याचिका में यह कहते हुए मामला खंडपीठ को संदर्भित किया गया कि याचिका में बेसिक शिक्षा नियमावली की वैधानिकता को चुनौती दी गई है, इसलिए प्रकरण खंडपीठ में ही पोषणीय है।

गौरतलब है कि बेसिक शिक्षा परिषद ने पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित करने का रास्ता साफ कर दिया था।

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेजे थे।
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ये कहा गया था आदेश में

उन्होंने कहा था कि 19 जून को जारी शासनादेश के आधार पर जिले में कार्यरत व पत्राचार माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी, बीटीसी, बीटीसी उर्दू व विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षा मित्रों को प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया जाना है।

इसलिए बेसिक शिक्षा अधिकारी शासनादेश में दी गई व्यवस्था के आधार पर शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति की कार्रवाई करें।

सचिव के इस निर्देश पर कई जिलों में भ्रम की स्थिति साफ हो गई थी।
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