सीजेएम रवि कुमार गुप्ता ने वर्ष 2020-21 में आयोजित दरोगा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी को पोषणीय मानते हुए इसे सुनवाई के लिए प्रकीर्ण वाद के रूप में दर्ज कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जून को होगी।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि इस परीक्षा के अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए तथ्यों व सुबूतों से प्रथमदृष्टया भर्ती में भारी गड़बड़ी की आशंका है। वहीं परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने भी कई एफआईआर दर्ज की।
गोरखपुर में दर्ज दो एफआईआर में परीक्षा कराने वाली एजेंसी का नाम लिया गया है और इस एजेंसी के कई राज्यों में ब्लैकलिस्टेड होने के बावजूद यहां उसे काम दिया। इससे मामला गंभीर जान पड़ता है। इतना ही नहीं पीईटी में बहुत कम नंबर पाने वाले कई अभ्यर्थियों को दरोगा भर्ती परीक्षा में भारी नंबर मिले, इससे परीक्षा की शुचिता पर प्रश्चचिह्न लग गए हैं। इस मामले में अब लखनऊ समेत कई जिलों में रोजाना काफी संख्या में फर्जी अभ्यर्थी पकड़े जा रहे हैं।