हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राजधानी के जियामऊ इलाके में शत्रु संपत्ति को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर हथियाकर उस पर अवैध निर्माण कराने के आरोपों में दर्ज प्राथमिकी को रद्द किए जाने व बाहुबली मुख्तार अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के आग्रह वाली याचिका पर सुनवाई 17 फरवरी तक टाल दी है।
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश मुख्तार अंसारी की याचिका पर पारित किया। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता एचजीएस परिहार ने कोर्ट से गुजारिश की थी कि कुछ अपरिहार्य कारणों से वह बहस करने में असमर्थ हैं लिहाजा यह याचिका मुख्तार के बेटों की ओर से दाखिल एक अन्य याचिका के साथ 17 फरवारी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की जाए। इस पर महाधिवक्ता को कोई एतराज नहीं था, जिसके चलते कोर्ट ने सुनवाई टाल दी। मुख्तार के बेटों अब्बास अंसारी व उमर अंसारी की पूर्व में दाखिल याचिका पर भी 17 फरवरी को सुनवाई होनी है। कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर 21 अक्तूबर 2020 को रोक लगा दी थी।