प्रवर्तन पोर्टल पर होगी अवैध निर्माणों के मामलों की सुनवाई।
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एलडीए में अवैध निर्माणों पर सुनवाई अब ऑनलाइन पोर्टल के जरिये ही होगी। सोमवार से इसे अनिवार्य कर दिया गया।
व्यवस्था लागू होने के बाद सभी प्रवर्तन जोन के अवर अभियंता और प्रवर्तन कोर्ट के पेशकार को भी पुराना डाटा जल्द अपलोड करने का आदेश वीसी ने कर दिया है।
वहीं, अब सभी नए नोटिस पोर्टल डेवऑथ से ही भवन स्वामी को जारी होंगे। एलडीए की नोडल अधिकारी व संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने बताया कि टेस्ट के लिए पोर्टल पर काम कराया गया था।
इसमें कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, जिन्हें दूर करने के लिए आवास बंधु निदेशक को कहा गया था। अब आवास बंधु ने समस्या दूर करते हुए उपयोग शुरू कराने के लिए कहा है।
अब पोर्टल पर काम शुरू करा दिया गया है। नई कार्रवाई जहां पोर्टल पर ही होगी, वहीं पुराने प्रचलित वाद भी ऑनलाइन कराए जा रहे हैं।
इस पोर्टल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शासन स्तर से प्रकरणों की निगरानी शुरू हो जाएगी। अवैध निर्माणकर्ता को भी पूरी कार्यवाही की जानकारी होगी। सुनवाई की कॉजलिस्ट भी पोर्टल पर अपलोड रहेगी।
बंद होगा आदेश दबाना
अफसरों का कहना है कि प्रवर्तन कोर्ट से अभी तक सील या ध्वस्तीकरण के आदेश फाइलों में होते थे। पेशकार या अवर अभियंता अपने फायदे के लिए इन्हें फाइलों से बाहर ही नहीं आने देते थे। कई बार तो महीनों बाद ऐसे आदेश फाइलों से निकले, तब उन पर कार्रवाई हो सकी। कई आदेश तो बाहर ही नहीं आ पाते और अवैध निर्माण हो जाते हैं। अब निगरानी होने से इस सांठगांठ पर रोक लगेगी।