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डॉ. अयूब की जमानत अर्जी पर सुनवाई टली, कोर्ट में हाजिर नहीं हुए पुलिस कमिश्नर

Fri, 09 Oct 2020 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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कोर्ट में पुलिस कमिश्नर के हाजिर न होने और अभियोजन पक्ष द्वारा समय मांगने के चलते राष्ट्रद्रोह जैसे संगीन आरोपों के आरोपी पीस पार्टी के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अयूब की जमानत अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश हरेंद्र बहादुर सिंह ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 9 अक्तूबर की तारीख तय की है।
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जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर का पत्र लेकर पुलिस उपायुक्त मध्य कोर्ट में हाजिर हुए। सुनवाई के दौरान अर्जी से संबंधित तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जेपी सिंह ने समय दिए जाने का अनुरोध किया जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

हजरतगंज थाने से संबंधित राष्ट्रद्रोह जैसे गंभीर आरोपों को लेकर पूर्व विधायक डॉ. मो. अयूब की ओर से दाखिल जमानत अर्जी की सुनवाई विशेष न्यायाधीश हरेंद्र बहादुर सिंह कर रहे  है। जिस पर कोर्ट ने तथ्य स्पष्ट करने एवं अन्य जानकारी के लिए पुलिस कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से आठ अक्तूबर के लिए तलब किया था।
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दो वर्गों में वैमनस्यता फैलाने जैसा गंभीर आरोप

हजरतगंज थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. मो. अयूब पर राष्ट्र की अखंडता के खिलाफ  बोलने व दो वर्गों में वैमनस्यता फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं। कोर्ट ने पाया कि राष्ट्रद्रोह मामलों में किसी अभियुक्त के विरुद्ध केस चलाए जाने के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार से अभियोजन संस्तुति आवश्यक है।

परंतु इस मामले में विवेचक ने शासन से अभियोजन चलाने की संस्तुति लिए बिना ही अदालत के समक्ष चार्जशीट दायर कर दी है। विवेचक ने बताया कि उनके पहले के विवेचक ने अभियोजन स्वीकृति के लिए 28 अगस्त को डीसीपी मध्य को पत्र लिखा था लेकिन उनका कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। अदालत ने सुनवाई 9 अक्तूबर को किए जाने का आदेश दिया।
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