अयोध्या स्थित ढांचा ध्वंस मामले के आरोपी धर्मदास के बयान मंगलवार को दर्ज किये गये। विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने मामले की सुनवाई के लिए 24 जून की तारीख तय करते हुए शेष आरोपियों को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है।
इससे पहले सुनवाई के समय जहां धर्मदास अपने वकील के साथ कोर्ट में मौजूद थे लेकिन अन्य सभी आरोपी नदारद थे। गैरहाजिर आरोपियों की ओर से उनके वकीलों ने आरोपियों की हाजिरी माफ करने की अर्जी दी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
कोर्ट ने कोरोना महामारी को लेकर जारी गाइडलाइन के अनुसार धर्मदास के 313 दंड प्रक्रिया संहिता के बयान दर्ज किये। धर्मदास ने अपने बयान में पूरी घटना को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि उनका इस आपराधिक घटना से कोई वास्ता नहीं है।
वहीं एनआईसी द्वारा आरोपियों के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दर्ज किया जाने को लेकर कोर्ट को कोई सूचना न देने पर कोर्ट ने 24 जून के बाद फिर से एनआईसी को पत्र लिखने का आदेश दिया।