निलंबित डीआईजी अरविंद सेन को तीन दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड और आवाज का नमूना लिए जाने की मांग वाली अलग-अलग दो अर्जियां बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में दी गईं। विशेष न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने इस पर सुनवाई के लिए 30 जनवरी की तारीख तय की है। पशुपालन विभाग में टेंडर दिलाने के नाम करोड़ों रुपये ठगने वाले आरोपियों को बचाने के लिए अरविंद सेन पर 35 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। इस मामले की विवेचक श्वेता श्रीवास्तव की ओर से दोनों अर्जियां दी गई हैं।
सरकारी वकील प्रभा वैश्य ने अर्जी देकर कोर्ट को बताया कि तत्कालीन एसपी सीबीसीआईडी अरविंद सेन ने 27 जनवरी को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने आशीष राय से 35 लाख रुपये की रिश्वत ली। उसने जांच के नाम पर वादी मंजीत सिंह भाटिया से जाली टेंडर ले लिया था और उससे सादे कागज पर कुछ लिखवाया है। लिहाजा इन बिंदुओं पर गहन जांच के लिए अरविंद सेन को रिमांड पर दिया जाए।
साथ ही उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि सेन ने मुख्य आरोपी आशीष राय से घटना को लेकर बातचीत की थी। इसे एसटीएफ ने रिकॉर्ड किया था। इसलिए आरोपी के आवाज का मिलान करने के लिए उसके आवाज का नमूना लिया जाना जरूरी है। इसी मामले में कोर्ट पहले ही आशीष राय समेत सात आरोपियों के आवाज का नमूना लेने की मांग को स्वीकार कर चुकी है। हालांकि अब तक सिर्फ दिलबहार यादव ने ही अपनी आवाज का नमूना दिया है। शेष आरोपियों ने नमूना देने से इनकार कर दिया है।
कोर्ट से आरोपी सुनील गुर्जर की आवाज का नमूना रिकॉर्ड करने की अनुमति भी मांगी गई है। कोर्ट ने दोनों अर्जियों पर सुनवाई के लिए 30 जनवरी की तारीख तय करते हुए आरोपी या उसके वकील को इस संबंध में जानकारी देने का आदेश दिया है।