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शिक्षामित्रों के समायोजन पर सुप्रीम कोर्ट में फाइनल सुनवाई 22 फरवरी को

Tue, 02 May 2017 04:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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समायोजित शिक्षामित्रों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में 22 फरवरी को होने वाली फाइनल सुनवाई में देश के जाने-माने वकील पी. चिदम्बरम, केके वेणुगोपाल और अमित सिब्बल शिक्षामित्रों का पक्ष रखेंगे।
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इसके लिए राज्य सरकार के अलावा शिक्षामित्रों के संगठनों ने भी पूरी तैयारी कर ली है। उस दिन शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी अदालत में मौजूद रहेंगे। उन्हें पैरवी में किसी तरह की कमी न रहने देने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य सरकार ने 1.34 लाख शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया है, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस फैसले को अवैध ठहरा दिया। जिसके खिलाफ शिक्षामित्र, उनके संगठन और राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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उसी दिन सरकार दाखिल करेगी फाइनल काउंटर ऐफिडेविट

डेमो पिक
सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम आदेश आने तक हाईकोर्ट के फैसले के अमल पर रोक लगा दी। अब इस मामले में अंतिम सुनवाई 22 फरवरी को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन राज्य सरकार को अपना फाइनल काउंटर एफिडेविट दाखिल करने को भी कहा है।

संयुक्त समायोजित शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष गाजी इमाम आला ने बताया कि अंतिम सुनवाई के दौरान उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदम्बरम, केके वेणुगोपाल, अमित सिब्बल और राजू रामचंद्रन बहस करेंगे।
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सरकार ने जारी किए निर्देश

दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव के मुताबिक, उनके संगठन की ओर से अधिवक्ता अजय संगवान और सुनील त्रिपाठी सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखेंगे।

शासन के एक अधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया कि सरकार की ओर से भी पैरवी में कहीं कोई लापरवाही न बरतने के निर्देश मिले हैं।

सभी प्रमुख वरिष्ठ अधिकारी 21 फरवरी की शाम ही दिल्ली पहुंच जाएंगे।
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