कोरोना से मौतों पर अंकुश को बदली रणनीति, अब लेवल-3 के सरकारी संस्थानों में भेजे जाएंगे गंभीर मरीज
राजधानी में कोरोना के गंभीर मरीज अब लेवल-3 के सरकारी कोविड अस्पतालों में ही भर्ती होंगे। बीते महीने निजी कोविड अस्पतालों में 48 मरीजों की मौत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यह फैसला लिया है।
सीएमओ ने बताया कि सरकारी संस्थानों में बेड खाली न होने पर ही गंभीर मरीज निजी कोविड सेंटर भेजे जाएंगे। पीजीआई, केजीएमयू व लोहिया संस्थान लेवल-3 ग्रेड के व लोकबंधु लेवल-2 का अस्पताल है।
रामसागर मिश्र अस्पताल को भी लेवल-2 बनाया गया था, लेकिन अभी तक यहां लेवल-1 की ही सुविधाएं मिल रही हैं। यहां भेजे गए वेंटिलेटर भी वापस ले लिए गए।
बीते माह कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने पर सरकारी संस्थानों में बेड व वेंटिलेटर खाली न होने पर मरीज निजी सेंटर भेजे गए थे। इसमें से सभी की मौत हो गई थी।
पूर्व में चार निजी अस्पतालों में भेजे गए 48 कोविड मरीजों में किसी की जान नहीं बचाई जा सकी थी। वहीं, इन निजी अस्पतालों पर कई बार अधिक शुल्क लेने का भी आरोप लगा था।
इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रणनीति बदली है। सीएमओ ने कहा कि बैठक में फैसला लिया गया कि गंभीर मरीजों को पहले केजीएमयू और पीजीआई में शिफ्ट कराया जाएगा। लेवल-3 ग्रेड के संस्थान में बेहतर सुविधाएं संग विशेषज्ञ भी हैं।
अपनी मर्जी से जा सकेंगे निजी सेंटर
सीएमओ के मुताबिक, निजी सेंटर पर मरीज भेजने पर कोई रोक नहीं है। मरीज अपनी मर्जी से वहां जाना चाहेंगे तो जा सकेंगे, लेकिन उन्हें पहले लेवल-3 ग्रेड के अस्पताल में जाने को कहा जाएगा।