विशेश्वरगंज (बहराइच)। गोंडा-बहराइच मार्ग पर शनिवार को बाइक की टक्कर से घायल बालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। परिवारीजनों को वाहन का इंतजाम करने में एक घंटा लग गया। जब बालक को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों ने अस्पताल प्रशासन पर हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाया है।
विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के चंदामऊ गांव निवासी लवकुश (12) पुत्र अरुण शुक्ला पूर्वाह्न 11 बजे गोंडा-बहराइच मार्ग पार कर सड़क के उस पार स्थित दुकान पर किराने का सामान लाने जा रहा था। तभी अचानक गोंडा की ओर से आ रही तेज रफ्तार बाइक सवार ने टक्कर मार दी, जिससे लवकुश उछलकर दूर जा गिरा। उसका सिर फट गया। पैर की हड्डियां भी टूट गईं। चीख पुकार सुनकर लोग दौड़े, लेकिन तब तक बाइक सवार फरार हो गया।
आनन-फानन में घायल बालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर धीरेंद्र तिवारी ने बालक को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन एंबुलेंस एक घंटे तक नहीं पहुंची। इससे परेशान परिवारीजनों ने निजी वाहन का इंतजाम किया। करीब 12.20 बजे घायल बालक को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था। तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस पर परिवारीजन बिलख उठे।
बालक के पिता अरुण शुक्ला ने स्वास्थ्य विभाग पर हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जान बूझकर एंबुलेंस के चक्कर में रेफर करने का खेल खेला जा रहा है। जिससे बेटे की मौत हुई है। अरुण ने इस मामले में सीएमओ से शिकायत भी की है।