लखनऊ। वजीरगंज पुलिस ने बुधवार को सुबह कार पर जाॅइंट डायरेक्टर आईटी का पास लगाकर घूम रहे युवक को पकड़ लिया। आरोपी खुद को आईएएस बताकर पुलिस पर रौब झाड़ने लगा। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसकी पोल खुल गई। आरोपी के पास से छह लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई हैं। इनमें से चार पर फर्जी सचिवालय और एक पर संयुक्त सचिव भारत सरकार का पास लगा है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे कारगिल पार्क के पास वाहनों की जांच की जा रही थी। उन्हें जॉइंट डायरेक्टर आईटी का पास लगी कार आती दिखी। संदेह होने पर पुलिस ने कार रुकवाई तो पिछली सीट पर बैठे युवक ने शीशा नीचे करते हुए खुद को आईएएस बताया। उसने अपना विजिटिंग कार्ड भी दिखाया। इस बीच पुलिस की नजर कार में रखी दो लाल और नीली बत्ती पर पड़ी। इसका कारण पूछने पर आरोपी विभिन्न जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को अपना परिचित बताते हुए पुलिस पर रौब झाड़ने लगा।
पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की उसने बताया कि वह आईएएस नहीं है। उसने अपना नाम नोएडा सेक्टर 35 गरिमा विहार कॉलोनी निवासी सौरभ त्रिपाठी बताया। उसने कहा कि मूलरूप से मऊ के सराय लखंसी का रहने वाला है। इस समय गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार वन वर्ल्ड में रह रहा है।
आधार और ड्राइविंग लाइसेंस भी थे फर्जी
पुलिस ने जब कार पर लगे पास से संबंधित विभाग से संपर्क किया तो पता चला कि वह भी फर्जी था, जिसे सौरभ ने ही तैयार किया था। गाड़ी के कागज भी आरोपी नहीं दिखा सका। आरोपी के दिए गए आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी फर्जी थे। गहनता से पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि उसके पास पांच और लग्जरी गाड़ियां हैं, जो शालीमार वन वर्ल्ड में खड़ी हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने पांच गाड़ियां भी बरामद कर लीं।
अधिकारी का मेल हैक करने पर आरोपी की गई थी नौकरी
इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी आईटी पास आउट है। वह काफी समय पहले सीडॉट कॉम कंपनी में काम करता था, जो केंद्र में गृह मंत्रालय के लिए कार्य करती थी। आरोपी ने कंपनी में रहते हुए किसी वरिष्ठ अधिकारी की मेल हैक कर ली थी। इसकी जानकारी होने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। मगर आरोपी की कंपनी की लॉगइन आईडी बंद नहीं की गई थी। इसके जरिये उसने नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) की मेल आईडी बनाई और कई राज्यों में लोगों से ठगी की।
दो आईडी कार्ड मिलने पर पकड़ा गया
पुलिस को आरोपी के पास दो आईडी कार्ड मिले थे। इनमें अशोक लाट का चिह्न बना था। एक कार्ड में केंद्र और दूसरे में राज्य सरकार लिखा हुआ था। इससे आरोपी पकड़ में आ गया। साथ ही उसके पास लैपटॉप, दो ब्लूटूथ, पेन ड्राइव, कई विभागों के विजिटिंग कार्ड बरामद हुए हैं।
सोशल मीडिया पर कई कार्यक्रमों में शामिल होने की मिली तस्वीरें
सौरभ ने सोशल मीडिया पर कई अकाउंट बना रखे हैं। इनमें उसने कार्यक्रमों की फोटो पोस्ट की हैं। साथ ही खुद के विशेष सचिव होने की बात लिखी है। इतना ही नहीं पोस्ट पर वह खुद को कैबिनेट स्पेशल सेक्रेटरी, भारत सरकार, तो किसी प्रोफाइल पर सेक्रेटरी अर्बन-रूरल डेवलपमेंट यूपी लिखा हुआ था।
सरकारी प्रोटोकॉल उठाता था फायदा
इंस्पेक्टर ने बताया कि सौरभ आईएएस बताकर कई राज्यों में जाता था। वहां वह बड़े अधिकारियों के बीच फोटो खिंचवाता था। साथ ही सरकारी प्रोटोकॉल का पूरा लाभ उठाता था। इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपी के पास से बरामद गाड़ियां विभिन्न लोगों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। इन गाड़ियों का इस्तेमाल काफिले के लिए करता था। इस बात की जांच की जा रही है कि अभी तक उसने कितने लोगों से ठगी की है। साथ ही इसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।