लखनऊ। सलारगंज इलाके के शिवम ग्रीन सिटी में एवरेडी कंपनी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी प्रेमिका ने खुलासा किया है कि सूर्य प्रताप उनकी बड़ी बेटी पर गंदी निगाह रखता था। अक्सर छेड़छाड़ और मारपीट करता था। रविवार की रात भी उसने बड़ी बेटी की बेरहमी से पिटाई की। इसी आक्रोश में उसने बेटियों के साथ मिलकर सूर्य प्रताप की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी।
मंगलवार को आरोपी महिला को जेल भेज दिया गया, जबकि उसकी बेटियों को बालिका सुधार गृह भेजा गया है। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक, आरोपी महिला से पूछताछ में बताया कि रविवार की रात सूर्य ने बड़ी बेटी को कमरे में बंद करके मारापीटा। मां और छोटी बेटी ने किसी तरह दरवाजा खुलवाया और बड़ी बेटी को बचाया। इसके बाद सूर्य प्रताप व आरोपी महिला के बीच झगड़ा होने लगा। सूर्य प्रताप ने फिर से मारपीट की शुरू की तो बेटियों ने उसे फर्श पर गिराकर दबोच लिया। इसी बीच महिला किचन से चाकू ले आई और सीने पर वार करने के बाद गला रेत दिया। कुछ देर छटपटाने के बाद सूर्य की मौत हो गई। डीसीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपी महिला व उसकी दोनों बेटियों की संलिप्तता मिली है। पुलिस की विवेचना जारी है। सभी संभावित एंगल पर जांच की जा रही है।
सीसीटीवी कैमरे से रखता था नजर
आरोपी महिला ने यह भी बताया कि सूर्य उनकी दोनों बेटियों को घर से निकलने नहीं देता था। निगरानी के लिए उसने तीन सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। मोबाइल फोन के जरिये वह हर गतिविधि पर निगाह रखता था। उसने बड़ी बेटी की पढ़ाई भी बीच में ही बंद करवा दी थी। इसी वर्ष महिला ने किसी तरह बड़ी बेटी का इंटर में दाखिला कराया था। महिला ने यह भी दावा किया कि जिस घर में वह रहते थे, उसकी जमीन सूर्य प्रताप के नाम है, लेकिन उसने अपने रुपये से मकान बनवाया था।
गले की नस कटी, सीने पर गहरे घाव
मंगलवार को सूर्य प्रताप सिंह का पोस्टमार्टम हुआ। रिपोर्ट में गले की नस कटी मिली। सीने के पास भी धारदार हथियार से गहरे घाव मिले। डॉक्टरों ने विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने भैंसाकुंड में सूर्य प्रताप का अंतिम संस्कार कर दिया।
पिता का दावा...मां-बेटियां अकेले हत्या नहीं कर सकतीं
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद सूर्य प्रताप के पिता नरेंद्र सिंह ने दावा किया कि उनके बेटे की हत्या में अकेले मां-बेटियों का हाथ नहीं है। घटना में किसी और की भी संलिप्तता हो सकती है। उन्होंने पुलिस से आरोपी महिला के कॉल रिकॉर्ड जांच करने की मांग की है। आरोप लगाया कि मकान हड़पने के लिए ही मां-बेटियों ने मिलकर बेटे की हत्या की है।