लखनऊ। बीबीडी इलाके के अनौरा कला स्थित साईं यश रेजिडेंट अपार्टमेंट की लिफ्ट की डक्ट में बृहस्पतिवार शाम पांच बजे मृत मिले विजय यादव (54) को कम दिखाई देता था। लिफ्ट का चैनल खोलकर जैसे ही वह आगे बढ़े तो सीधे डक्ट में जा गिरे।
मूल रूप से गाजीपुर जिले के युवराजपुर पुलिस लाइन निवासी विजय यादव के बड़े भाई अजय उनका शव लेकर लौट गए। उधर, अपार्टमेंट के लोगों ने बिल्डर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अजय के मुताबिक विजय हिंदुस्तान यूनिलिवर के सेल्स विभाग में थे। बीमारियों के कारण उन्होंने पांच वर्ष पहले काम छोड़ दिया था। उन्हें दिखाई भी कम पड़ता था। विजय का पीजीआई संस्थान में इलाज चल रहा था।
अजय ने बताया कि किडनी की बीमारी के ऑपरेशन की तारीख लेने के लिए विजय कुछ दिन पहले एसजीपीजीआई आए थे। नौ जुलाई को वह दोबारा लखनऊ आए और साईं यश रेजिडेंट अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल पर गोरखपुर निवासी दोस्त सुधीर गुप्ता के फ्लैट नंबर 500 में ठहरे गए।
इसी अपार्टमेंट में रहने वाले प्रखर ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम पांच बजे विजय चाय पीने के लिए नीचे जाने के लिए लिफ्ट के पास पहुंचे। उन्होंने बटन दबाया। हालांकि, लिफ्ट के उन तक पहुंचने से पहले ही आठवें तल पर किसी ने रिकॉल कर दी। उधर, कम दिखने के कारण विजय चैनल खोलकर आगे बढ़ गए और सीधे डक्ट में जा गिरे। ग्राउंड फ्लोर पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड डक्ट के पास पहुंचा, तब तक विजय की मौत हो चुकी थी।
कई बार खराब हो चुकी है लिफ्ट
प्रखर व अन्य आवंटियों ने बताया कि अपार्टमेंट की लिफ्ट कई बार खराब हो चुकी है। इसकी शिकायत भी बिल्डर से की गई, पर कुछ नहीं हुआ। आरोप लगाया कि लिफ्ट की सर्विसिंग पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। विजय के परिवार में पत्नी आरती, 15 वर्षीय बेटी अपेक्षा व 12 वर्षीय बेटा अस्तित्व है। अजय ने बीबीडी थाने में तहरीर देने की बात कही है। इंस्पेक्टर राम सिंह के मुताबिक शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।