हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजभवन में राष्ट्रगान रोके जाने के विरुद्ध दायर दूसरी याचिका को भी खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला और न्यायमूर्ति अशोक पाल सिंह की बेंच ने याचिका को निराधार बताया।
दरअसल राजभवन में 31 अक्तूबर को मंत्रियों के शपथग्रहण समारोह में राष्ट्रगान रोके जाने को लेकर एक गैर सरकारी संस्था की तरफ से अधिवक्ता आरआर ओझा ने यह याचिका दायर की थी।
इससे पहले ऐसे ही एक याचिका को चार नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला की खंडपीठ ने खारिज कर दी थी। यह याचिका वकील विनोद कुमार ने दायर की थी।
याचिका में राज्यपाल राम नाईक द्वारा राष्ट्रगान रुकवाए जाने के मामले में राज्यपाल के प्रमुख सचिव को विपक्ष बनाया गया था। कोर्ट ने इसे असंवैधानिक व अनावश्यक करार दे दिया था।