हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सुल्तानपुर के जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की हत्या की जांच के लिए सूबे के पूर्व एडीजी अरुण कुमार के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम बना दी है।
ऐसा पहली बार हुआ कि कोर्ट की देखरेख में कोई पुलिस जांच होगी।
अमर उजाला ने पहले ही इस खबर को ब्रेक किया था और बताया था कि हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच अरुण कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंप सकती है।
मंगलवार को बेंच ने ऐसा ही किया। बेंच ने अरुण कुमार को यूपी में दोबारा तैनाती भी दे दी है। अब अरुण को यूपी में एडीजी रूल्स एवं मैनुअल्स बनाया गया है।
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कोर्ट ने जांच के लिए एसआईटी को स्टाफ और संसाधन दिए हैं और चार हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
एसआईटी की जिम्मेदारी कातिलों को पकड़ने के साथ-साथ वारदात की वजह का पता लगाना भी है।
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर दंगों के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कानून एवं व्यवस्था के पूर्व एडीजी अरुण कुमार को हटा दिया था।