दरगाह शाहमीना शाह में आयोजित जलसे को खिताब करते मौलाना शरफुद्दीन मिस्बाही। स्वयं
लखनऊ। शुहदा ए इस्लाम और शुहदाए कर्बला के जलसों में शब-ए-आशूर को हजरत हुसैन की शहादत और सीरत को याद किया गया। शनिवार को आयोजित जलसों में उलमा ने हजरत हुसैन को कुर्बानी और सच्चाई की मिसाल बताया।
मीनाई एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी की ओर से मख्दूम शाहमीना शाह दरगाह पर आयोजित जिक्रे शुहदा-ए-कर्बला के जलसे में मौलाना शरफुददीन मिस्बाही ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन कुर्बानी और सच्चाई की मिसाल हैं। अध्यक्षता दरगाह के सज्जादानशीन शेख राशिद अली मीनाई ने की। ऐशबाग ईदगाह स्थित जामा मस्जिद में आयोजित जलसे को मौलाना मोहम्मद मुश्ताक, अकबरी गेट स्थित एक मीनारा मस्जिद में मरकजी जमीअतुल हुफ्फाज की ओर से हुए जलसे को कारी मोहम्मद सिददीक ने खिताब किया। मजलिसे ताहफ्फुजे नामूसे सहाबा की ओर से रकाबगंज स्थित दारूल मुबल्लिगीन के मौलाना अब्दुल शकूर हाॅल में आयोजित जलसा शुहदा ए इस्लाम में मौलाना अब्दुल बारी फारूकी ने कहा कि हजरत हुसैन की मजलूम शहादत इस्लामिक तारीख की अहम कड़ी है। (संवाद)