लखनऊ। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की बेटी हजरत फातिमा जहरा की विलादत का जश्न शुक्रवार को मनाया जाएगा। पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को कई जगह पर महफिलों और नज्र का आयोजन किया गया। महफिल में शायरों कलाम से नजराना-ए-अकीदत पेश किया।
बज्म-ए-अजाए हुसैन की ओर से बालागंज के तोपखाना स्थित इमामबाड़ा गुलाम हुसैन बिलग्रामी में महफिल को मौलाना सैयद काजिम मेहंदी ने खिताब किया। उन्होंने कहा कि जब जनाबे फातिमा आती थीं तो अल्लाह के रसूल सल्ल. बेटी की मोहब्बत व सम्मान में खड़े हो जाते थे। अहमद सज्जाद की अध्यक्षता और अफजाल रुदौलवी के संचालन में आयोजित महफिल में शायर अशफाक सेथली, अफरोज दतयावी, जकी भारती, आसिफ, वाकिब, रियाज मोहानी, शादाब जौनपुरी, रजा सेथली, हुसैन भदोही, नोमान सीतापुरी, अंजुम गदीरी, हसन जाफर, मोहम्मद अली आरजू, कारी कुमैल ने कलाम पेश किए।
दस्तरख्वान-ए-मासूमा आज
हजरत मोहम्मद साहब की बेटी हजरत फातिमा जहरा की विलादत की खुशी में इदारा-ए-अंजुमन हाय-मातमी की ओर से नक्खास स्थित अवध पॉइंट में रात 7:30 बजे दस्तरख्वान-ए-मासूमा-ए-आलम का आयोजन किया जाएगा।