हज पर जा चुके अथवा अब जाने वाले सभी हज यात्रियों को 10 हजार रुपये अतिरिक्त जमा करना होगा। हज कमेटी आफ इंडिया ने इसके लिए सर्कुलर जारी करने के साथ बढ़ाई गई यह धनराशि 15 मई 2026 तक जमा करने के निर्देश दिए हैं।
सर्कुलर के अनुसार, मध्य पूर्व में चल रहे संकट और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण एयरलाइंस ने किराया बढ़ाने की मांग की थी। इस पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने विचार करते हुए हज 2026 के एयर चार्टर ऑपरेशन के लिए संशोधित किराया मंजूर किया है। इसके तहत प्रति यात्री को करीब 100 अमेरिकी डॉलर (करीब 10 हजार रुपये) अतिरिक्त देना होगा, चाहे यात्री किसी भी शहर से यात्रा कर रहा हो।
सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह राशि ऑनलाइन माध्यम से हज कमेटी की आधिकारिक वेबसाइट या हज सुविधा एप के जरिए जमा की जा सकती है। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में निर्धारित पे-इन-स्लिप के माध्यम से भी भुगतान किया जा सकता है।
हज कमेटी ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की हज समितियों को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित यात्रियों को तत्काल सूचित करें और समय पर भुगतान सुनिश्चित कराएं। हज कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ोत्तरी विशेष परिस्थिति में एक बार के लिए लागू की गई है।
हज ट्रेनर फरहान खालिद ने बताया कि लखनऊ के करीब छह हजार हज यात्री इस बार हज कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश हज यात्री हज के लिए रवाना हो चुके हैं। जो हज यात्री जा चुके हैं, उन्हें भी यह बढ़ी धनराशि जमा करनी होगी।