ब्लैक लिस्टेड माफिया बेखौफ
राजस्व वाले एक महकमे के आला अफसरों ने माफियाओं पर शिकंजा भले कस दिया हो लेकिन उनकी सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा है। सरकारी खजाने में डंके की चोट पर सेंधमारी करने वाले ये माफिया अब भी खुलेआम महकमे में देखे जाते हैं।
पिछले दिनों चोरी का वाहन छुड़ाने के लिए पूरे यूपी में बदनाम एक माफिया राजधानी स्थित महकमे में बिल्कुल उसी तरह टहलते दिखा, जैसे अधिकारी सुबह-सुबह लोहिया पार्क में सेहत बनाते हैं। ये माफिया धड़ल्ले से अपना काम कराने के लिए जुगाड़ तलाश रहा था। पता नहीं किसका आशीर्वाद है।
महाठग आ न सका, माहौल की निकली हवा
जमीन और निवेश के नाम पर एक महाठग हजारों करोड़ पार कर वर्षों lसे विदेश में ठिकाना बना रखा है। कुछ समय पहले दुबई के एक मामले में वह गिरफ्तार हुआ। जानकारी होते ही यहां की जांच एजेंसी में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़े बड़े अफसरों ने माहौल बनाना शुरू किया कि महाठग जल्द भारत लाया जाएगा।
दरअसल माहौल से अधिकारी खुद का पीआर बनाने में जुट गए ताकि ऊपर तक उनकी वाहवाही हो जाए। हुआ भी कुछ ऐसा लेकिन अब महाठग खुलकर सोशल मीडिया अपनी 'शाइन' बिखेर रहा है। अब अधिकारी भी थोड़ा सन्नाटे में हैं। क्योंकि उसका प्रत्यर्पण तो हो न सका । इसकी साथ उनके माहौल की भी हवाल निकल गई।
लंबी छुट्टी से दूर नहीं हुई मुसीबत
प्राधिकरण के उप अधिकारी को सर्वेसर्वा ने इतना कस दिया कि सुरक्षित सेवा का अफसर होते हुए भी बेचारा लंबी छुट्टी पर भाग गया। शासन में बैठे बॉस ने समझाया कि ऐसे मैदान नहीं छोड़ते तो उप अधिकारी काम पर लौटे। हालात अब भी वैसे ही बने हुए हैं। इसलिए मामला उच्चस्तर पर भी पहुंचाया जा रहा है।