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सुना है क्या: पूर्वांचल के अंडरवर्ल्ड में तबाही मचा रहा कफ सिरप कांड... तो जेई साहब के जलवे पर फिदा हैं चीफ

Wed, 10 Dec 2025 01:57 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी में सुना है क्या... कॉलम में सिरप कांड और इसके पूर्वांचल की राजनीति में पड़ रहे प्रभाव को लेकर चल रहे खेल पर चर्चा है। वहीं, जेई और एक अधिकारी के जलवे की भी चर्चा हो रही है। यहां पढ़ें रोचक कानाफूसी:
 
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी का कफ सिरप कांड पूर्वांचल में तबाही मचा रहा है। इसे लेकर बाहुबली भी सकते हैं। अब ये एक-दूसरे को निपटाने का भी जरिया बन रहा है। वहीं, एक विभाग के जेई साहब से जलवे की चर्चा हो रही है कि पिछली सरकार की तरह वर्तमान सरकार में भी उनका जलवा कायम है। यहां पढ़ें रोचक कानाफूसी:

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पोल खोलने वालों से खतरा

पूर्वांचल के अंडरवर्ल्ड में तबाही मचा रहा नशीला कफ सिरप कांड पुरानी दुश्मनियों को निपटाने का मौका बन गया है। इस बार लड़ाई हथियारों से नहीं, एकदूसरे की पोल खोलकर लड़ी जा रही है। फोटो और वीडियो वायरल कर कीचड़ उछाला जा रहा है। हद तो तब हो गई जब एक बाहुबली के इलाके में जाकर उसके विरोधी ने नामकरण भी कर दिया। अब बाहुबली पहले ही संकटों में घिरा है तो सीधे जवाब नहीं दे पा रहा। समर्थकों को आगे कर पोल खोलने की कोशिश जारी है। उन्हें देख अंडरवर्ल्ड के बाकी लोग भी सकते में हैं कि इनके चक्कर में कहीं सब निशाने पर न आ जाएं। वैसे भी मामला दिल्ली तक गूंज रहा है।

जेई के जलवे पर चीफ फिदा
खेतों को पानी देने वाले महकमे में ऊपर से लेकर नीचे तक कृपा की गंगा बह रही है। माता विंध्यवासिनी की शरण में तैनात एक जेई पर चीफ साहब से लेकर बड़े साहब तक की कृपा बरस रही है। तभी तो तीन साल पहले काशी तबादला होने के बाद जेई साहब को विंध्यधाम वाले शहर में ही संबद्ध कर रखा है। चर्चा तो यह भी है कि जेई साहब साइकिल वाले पार्टी के कट्टर समर्थक हैं। फिर भी चीफ साहब ने उनको दोहरा प्रभार दे रखा है। ऐसे में कहा जा रहा है कि साहब और जेई के बीच गहरा संबंध है। इसलिए साइकिल वाली सरकार में मलाई काट चुके जेई साहब का जलवा इस सरकार में भी कायम है।
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विशेष अधिकारीजी का रौला !
विशेष अधिकारीजी पश्चिम में एक चर्चित विवाह समारोह में शामिल होने गए। जिले में उन्हें पूरा प्रोटोकॉल मिला। नियमों के मुताबिक वे इसके हकदार नहीं हैं लेकिन अधिकारीजी ठहरे विशेष। पता नहीं कब किसके बारे में क्या उल्टा-पुल्टा फीडबैक दे दें। इसलिए जिलों में बड़े-बड़े उनसे डरते हुए मालूम पड़ते हैं। विवाह समारोह में भी विशेष अधिकारीजी ने खुद को ऐसे पेश किया कि बॉस नहीं आ पाए। इसलिए उनके दूत बनकर वह खुद आए हैं। हालांकि, मजा लेने वाले भी कहां पीछे रहने वाले। कहने लगे, क्या बॉस को पता भी है कि अधिकारीजी इस समारोह में शामिल होने आए हैं।
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