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सुना है क्या: कम कमीशन ने बिगाड़ा मिजाज, माहौल में कमी न रहे; जमीन के बड़े खिलाड़ी के पढ़ें किस्से

Sun, 26 Apr 2026 01:18 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
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सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'कम कमीशन ने बिगाड़ा मिजाज' की कहानी। इसके अलावा 'माहौल में कमी न रहे' और 'जमीन के बड़े खिलाड़ी' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...

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कम कमीशन ने बिगाड़ा मिजाज

एक माननीय की विधायक निधि का काम करने वाले ठेकेदार ने कमीशन देने में बेईमानी की तो माननीय भी हत्थे से उखड़ गए। अब माननीय ठेकेदार के कराए गए सभी कार्यों का सैंपल उठाकर बोरी में भर ले आए हैं। धमकी दे रहे हैं कि अगर कमीशन पूरा नहीं दिया तो सैंपल की जांच कराएंगे और गुणवत्ता खराब हुई तो ब्लैकलिस्ट भी कराएंगे। 

अब मरता क्या न करता, बेचारा ठेकेदार भी माननीय को मनाने के लिए कमीशन बढ़ाकर देने पर राजी हो गया है। हालांकि, माननीय का मिजाज अभी भी बिगड़ा हुआ है। पूर्वांचल के सबसे शिक्षित जिले से ताल्लुक रखने वाले ये वही माननीय हैं जिनके खिलाफ उनके ही चहेते कई ठेकेदारों ने पिछले दिनों मोर्चा खोला था।



 

माहौल में कमी न रहे

हाल में कुछ जिलों में नए कप्तान तैनात किए गए हैं। इसमें पहली बार जिला पाने वाले भी शामिल हैं। तैनाती पाते ही वे एक्शन में आ गए। कोई थानेदारों पर कार्रवाई करने लगा तो कोई निचले अफसरों पर रौब गांठने लगा।  माहौल पूरा बना रहे, इसलिए सोशल मीडिया पर हर कार्रवाई की फोटो जरूर पोस्ट हो रही है। इसमें कोई पीछे नहीं। पूर्वांचल वाले एक साहब बहुत तेजी पकड़े हैं। जिनकी चर्चा महकमे में सबसे अधिक है।
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जमीन के बड़े खिलाड़ी

आजकल एक नौकरशाह की खेल प्रतिभा की चर्चा खूब हो रही है। कहा जा रहा है कि साहब ने धर्मनगरी में जमीनों का बड़ा खेल किया है। नौकरी के साथ जमीनों के कारोबार में दिलचस्पी रखने वाले नौकरशाह ने इस धंधे से करोड़ों की चल-अचल संपत्ति बना ली है। 

चर्चा है कि इसकी शिकायत केंद्रीय जांच एजेंसी तक पहुंच गई है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी ने भी जांच-पड़ताल पूरी कर ली है। अब देखना यह है कि जमीनों के प्रबंधन में माहिर साहब एजेंसी को भी मैनेज कर पाते हैं या नहीं।
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