कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि हाथरस की निर्भया की मृत्यु नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार की उपेक्षा और उसके प्रशासन ने उसे मारा है। जब वह जिंदा थी, तो उसकी सुनवाई नहीं हुई। उसकी रक्षा नहीं हुई। उसकी मृत्यु के बाद उसे अपने घर की मिट्टी और हल्दी भी नसीब नहीं होने दी।
उन्होंने कहा कि उस बच्ची को अनाथों की तरह पुलिस के जोर से जला दिया गया। ये कैसा न्याय है? ये कैसी सरकार है? आपको लगता है कि आप कुछ भी कर लेंगे और देश देखता रहेगा। मैं कांग्रेस की तरफ से हाथरस पीड़ित परिवार के न्याय की मांग के साथ खड़ी हूं।