फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाशिम पर भी चढ़ा मोदी बुखार, दिया नया बयान!

Thu, 04 Dec 2014 04:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अयोध्या
विज्ञापन
विज्ञापन
बाबरी मस्जिद के पैरोकार हाशिम अंसारी ने अपने पिछले बयान पर हो रही सियासत का भी जवाब दे दिया है। उन्होंने गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, मैं अपने बयान पर कायम हूं, मैं अब बाबरी मामले की पैरवी नहीं करूंगा। मुझ पर कोई दबाव नहीं बना सकता।'
विज्ञापन


अयोध्या में हाशिम अंसारी ने नेताओं पर जमकर निशाना साधा। कहा कि मेरा देश सोने की चिड़िया था, नेताओं ने इसे बेच दिया। हालांकि, उन्होंने मोदी की तारीफ भी कर दी। हाशिम बोले, 'लोग मोदी से क्यों परेशान हैं, वे तो इस मामले का हल चाहते हैं।'

जाहिर तौर पर हाशिम अंसारी का इशारा मुसलमान कौम की ही तरफ था। गौरतलब है कि हाशिम ने बुधवार को एक विवादित बयान में कहा था कि अब वे बाबरी मस्जिद की पैरोकारी नहीं करेंगे और वे रामलला को आजाद देखना चाहते हैं।
विज्ञापन

हर मुसलमान करेगा मस्जिद की पैरवी

विवादित ढांचा गिराए जाने की बरसी से तीन दिन पहले बाबरी मस्जिद मुकदमे के मुख्य मुद्दई हाशिम अंसारी ने कहा ‘जब तक एक भी मुसलमान रहेगा, तब तक बाबरी मस्जिद की पैरवी होती रहेगी। हम नहीं करेंगे तो 25 करोड़ मुसलमान पैरवी करेंगे।

नेताओं के रवैये से बेहद नाराज मुद्दई हाशिम अंसारी ने कहा, बाबरी मस्जिद कोई मेरी मिल्कियत नहीं है, जो मेरे बाद मेरा बेटा इस मुकदमे की पैरवी करे। अंसारी ने कहा, रामलला की दुर्दशा देखी नहीं जाती, उन्हें आजाद देखना चाहता हूं।

94 साल के हाशिम अंसारी ने नेताओं के रवैये की वजह से बाबरी मस्जिद मुकदमे की पैरवी से हटने का मन बनाया है। वे कहते हैं कि छह दिसंबर 1992 को लाखों की भीड़ ने फोर्स के साथ मिलकर हमारी बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया। क्या हुआ? रायबरेली में चल रहे मुकदमे में कोई दोषी नहीं मिला।

बाबरी मस्जिद सारे हिंदुस्तान के मुसलमानों की मिल्कियत है। हाशिम और उनके परिवार की नहीं। एक भी मुसलमान हिंदुस्तान में है तो वह बाबरी मस्जिद चाहता है।

उन्होंने कहा कि नेताओं की पैंतरेबाजी ने हमें मुकदमे की पैरवी से हटने के लिए मजबूर कर दिया। अब करें नेता लोग सियासत। बाबरी मस्जिद के एक अन्य मुद्दई हाजी महबूब को उन्होंने आड़े हाथ लिया, बोले- हाजी महबूब हमारा इरादा डिगाने की कोशिश करते रहते हैं।

आजम पर भी भड़के अंसारी

64 साल से बाबरी मस्जिद मुकदमे के पैरोकार हाशिम प्रदेश के काबीना मंत्री आजम खां से बेहद खफा हैं। कहते हैं, आजम खां को बाबरी मस्जिद की पैरवी के लिए कन्वीनर बनाया गया था।

अब उनसे पूछना चाहता हूं कि मुकदमा कहां है। अब वे ही लड़ें मुकदमा। दुनिया का हिंदू जितनी मेरी इज्जत करता है उतनी आजम खां की नहीं करते। उन्होंने कहा, अब हम हिंदुस्तान के सारे नेताओं की पोल खोलेंगे। हाशिम ने कहा कि नेता लोग रामलला को टेंट में रखकर राजनीति कर रहे हैं। वहां इलायची दाने का भोग लगता है और स्वयं पांच सौ रुपये किलो की मिठाई खाते हैं।

बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाजी हाजी महबूब कहते हैं कि सन् 1960 में मो. हाशिम अंसारी बाबरी मस्जिद मुकदमे में पार्टी तो जरूर बनाए गए थे। मुकदमे में उनके रहने न रहने और पैरवी न करने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। वह आजम खां और मुझ पर जो इल्जाम लगाते हैं वह बेबुनियाद हैं।

निर्मोही अखाडे़ के पक्षकार महंत भाष्कर दास के प्रतिनिधि पुजारी रामदास कहते हैं कि मो. हाशिम अंसारी ने जो संदेश दिया है, अच्छी बात है। मुसलमानों को इससे सीख लेनी चाहिए। अयोध्या से एक आवाज जा रही है, भारत के मुसलमानों को मुकदमा वापस लेकर राम मंदिर निर्माण के लिए सौंप देने के लिए आगे आना चाहिए। लेकिन हाशिम अंसारी अपने वचन पर कायम रहें और अपने सभी संगठनों व सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को आगे आने के लिए कहें।


विज्ञापन

हाशिम के बयान से भाजपा को मनमानी की छूट नहीं : आजम

प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां ने कहा है कि भाजपा को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में मुख्य पक्षकार हाशिम अंसारी के बयान से कोई खुशफहमी नहीं पालनी चाहिए। इससे उसे मनमानी की छूट नहीं मिल जाएगी।

खां ने यहां कहा कि लग रहा है हाशिम अंसारी का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ रहा है, लेकिन बाबरी मस्जिद पक्ष के वे अकेले पैरोकार नहीं हैं। इस मामले में और भी तमाम पैरोकार हैं। इसलिए उनके हटने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

आजम ने कहा कि  अंसारी के बयान भर से भाजपा को इस तरह खुशी नहीं मनानी चाहिए। ऐसा लगता है कि संख्या बल के कारण भाजपा उचित और अनुचित का फर्क भूल गई है और पूरे देश को गुजरात बनाना चाहती है। यह नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि  लगता है हाशिम अंसारी को प्रदेश सरकार से कोई नाराजगी है। सरकार उसे दूर करने का प्रयास करेगी।

बाबरी मस्जिद के मुद्दई मो. हाशिम अंसारी ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। बोले, मोदी मंदिर-मस्जिद नहीं बनवाएंगे। मोदी ने बुनकर अंसारियों की झोली भर दी है। मैं भी एक अंसारी हूं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें