हरियाणा की भाजपा सरकार विधानसभा के आगामी चुनाव में जनता के बीच जाने से पहले यूपी से सीमा व भूमि विवाद का समाधान करने की कोशिश में जुट गई है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने इस संबंध में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है।
इस पर योगी ने प्रदेश के अफसरों को हरियाणा के अफसरों के साथ समन्वय कर कार्ययोजना बनाकर विवाद के समाधान से की कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों योगी व खट्टर के बीच दोनों राज्यों से जुड़े सीमा व भूमि विवाद के समाधान पर वार्ता हुई थी। इसके बाद योगी ने तीन स्तर पर विचार-विमर्श कर अंतिम समाधान तक पहुंचने की कार्ययोजना पर अमल का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सबसे पहले यूपी व हरियाणा के अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी विवाद से जुड़े बिंदुओं पर विचार-विमर्श कर समाधान पर अपनी राय तय करेंगे। अपर मुख्य सचिवों की सहायता के लिए संबंधित जिलों के डीएम व राजस्व अधिकारियों को शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
अपर मुख्य सचिवों की रिपोर्ट आने के बाद अगली बैठक दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों की होगी। इसमें दोनों मुख्य सचिव निर्णय के बिंदु पर पहुंचकर अपने-अपने मुख्यमंत्रियों को बताएंगे। इसके बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बैठक होने की संभावना है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी न बताया कि दोनों मुख्यमंत्री दशकों पुराने सीमा व भूमि विवाद को खत्म करने का एलान कर सकते हैं। हरियाणा के विधानसभा चुनाव से पहले यदि इस विवाद का समाधान हो जाता है तो पड़ोसी राज्य की सरकार इसे बड़ी उपलब्धि के रूप पेश कर सकेगी। बताते चलें इसी वर्ष के अंत तक हरियाणा में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
अफसरों को इन बिंदुओं पर सहमति बनाने का फरमान
-सीमा विवाद से जुड़ी भूमि का दोनों राज्य सर्वे कराकर समाधान का प्रयास करेंगे।
-यमुना नदी के बहाव से नदी के पार हरियाणा की ओर चली गई यूपी की भूमि का हरियाणा को तथा नदी के बहाव से यूपी की ओर आ गई हरियाणा की भूमि का, दोनों राज्यों के बीच यथा स्थिति के अनुसार आदान-प्रदान।
-नदी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए ड्रेजिंग कार्य की रणनीति।