लखनऊ। दुष्कर्म पीड़िता की आत्महत्या के मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के नाम पर हरदोई पुलिस ने पीड़ित परिवार को टरका दिया। यह जानकारी डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव को हुई तो उन्होंने फौरन एफआईआर दर्ज कराने का आदेश पारा पुलिस को दिया।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पारा पुलिस की एक टीम बुधवार को युवती के गांव भेजी गई थी। परिजनों ने बताया कि उन लोगों ने बघैली थाने की पुलिस से शिकायत की थी पर पुलिस ने मामला पारा का बातकर उन लोगों को टरका दिया। बुधवार को परिजनों ने युवती का हरदोई स्थित गांव में अंतिम संस्कार कर दिया। आरोपी युवती का फुफेरा भाई घटना के बाद से घर छोड़कर भागा हुआ है। पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में लगाई गई है। युवती के पास से मिले सुसाइड नोट को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। डीसीपी ने बताया कि पुलिस की टीम परिजनों को लखनऊ लेकर आ रही है। तहरीर लेकर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
यह है पूरा मामला
हरदोई निवासी युवती परिवार के साथ देवपुर इलाके में रहती थी। वह प्राइवेट डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। उनके घर में बुआ का लड़का बीते छह वर्ष से रह रहा था। 15 दिसंबर को युवती के पिता पत्नी और दो बेटों को लेकर गांव चले गए थे। पारा स्थित घर पर बेटी नानी के साथ रह रही थी। 18 दिसंबर को बेटी अचानक गांव पहुंची। 23 दिसंबर को शाम को उसकी तबीयत खराब हो गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां से उसे बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया। बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को युवती की मौत हो गई। युवती के मोबाइल फोन में सुसाइड नोट की फोटो मिली थी। उसकी लोअर से सुसाइड नोट भी मिला। इसमें युवती ने फुफेरे भाई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था और उसे ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था।