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पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब नहीं दे पाएगी मोदी सरकार: हार्दिक पटेल

Wed, 20 Feb 2019 05:23 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
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सुल्तानपुर में मीडिया से बात करते हार्दिक पटेल। - फोटो : amar ujala
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एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने बुधवार को शहर आए गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा अध्यक्ष पर जमकर निशाना साधा। कहा कि पुलवामा घटना पर मोदी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब नहीं दे सकते, क्योंकि उनकी सोच, नीतियों एवं सिद्धांतों में फर्क है। सवाल उठाया कि जब खुफिया एजेंसियों ने बड़ी वारदात की रिपोर्ट दी थी तो ढाई हजार सीआरपीएफ जवानों को सड़क मार्ग से क्यों भेजा गया। सवाल इसलिए भी उठता है कि बिना युद्ध के बार-बार जवान शहीद हो रहे हैं।

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एक स्थानीय होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हार्दिक ने कहा कि वर्ष 2004 में सीआरपीएफ की पेंशन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने खत्म की थी। सीआरपीएफ को पूर्ण सैनिक बल बनाकर शहीद का दर्जा देकर देते हुए पेंशन लागू करनी होगी। सिर्फ चीनी बंद करने से पाकिस्तान कमजोर नहीं हो जाएगा। विस्फोटक कहां से कैसे आया सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए। स्वयं को देशभक्त बताने वाली भाजपा ने तो उन्हीं से गठबंधन किया जो आतंकियों को मजबूत करने की बात करते हैं। देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए इंडियन आर्मी को मजबूत करना होगा और सभी को मजबूती से खड़ा होना होगा, ताकि पाक हिम्मत न कर सके।
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उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए पूछा की उनके ऊपर कितने केस चल रहे हैं? फिर स्वयं जवाब देते हुए बताया कि जस्टिस लोया, हरेंद्र पांड्या, वंजारा और एक लड़की की जासूसी के मामले जिस पर केस दर्ज हो उसको क्या कहेंगे। अगर यह गलत है तो यह गलत बात मैं बार-बार कह रहा हूं। वे भगवान राम तो नहीं, मैंने भगवान राम को गाली नहीं दी है। यह देशभक्त पार्टी है तो 40 से अधिक जवान शहीद हो गये। बीजेपी के दो सौ से अधिक विधायक हैं क्या किसी ने अपनी तनख्वाह शहीद को दी? सपा-बसपा गठबंधन पर मोदी ने कहा कि मैंने इनका खाना बंद कर दिया इसलिए ये मुझे हराना चाहते हैं। हार्दिक ने कहा कि मोदी भी तो यही कर रहे हैं क्या वे डमरू बजा रहे हैं। एडीएमके के पास गए, शिवसेना के पास जा रहे हैं। महागठबंधन में तो सिर्फ 22 पार्टियां हैं लेकिन एनडीए में तो 42 दल हैं। अखिलेश सरकार पर कानून व्यवस्था समेत अन्य आरोप लगाकर सत्ता में आने वाली बीजेपी सरकार के समय क्या चल रहा है यह सब देख रहे हैं। उन्होंने मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने, जिसकी जितनी भागीदार उतनी उसकी हिस्सेदारी, युवकों को रोजगार, किसानों को उनकी उपज का मूल्य, उन्हें खाद-बीज पर सब्सिडी देने की बात कही।

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