लखनऊ। बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत भी भिगो दी। खेतों में पकी हुई गेहूं, अरहर की फसल को भिगोकर उनकी उम्मीदें बर्बाद कर दीं। कई जगह फसल कट चुकी थी, जो बारिश में भीगकर पूरी तरह खराब हो गई है।
बृहस्पतिवार सुबह हुई बारिश ने बख्शी का तालाब, इटौंजा, माल, मलिहाबाद, काकोरी, मोहनलालगंज, सरोजनीनगर के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीकेटी स्थित चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय के मौसम विभाग के विशेषज्ञ डॉ. दीपक पांडे ने बताया कि एक सप्ताह से तापमान में दो प्रतिशत की वृद्धि हो रही थी, मगर बृहस्पतिवार को वर्षा हो गई। इसने फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
वहीं, कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अभी जिले में गेहूं की कटाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सिर्फ पांच प्रतिशत किसानों ने ही गेंहू की कटाई की थी। इस वर्ष अच्छे उत्पादन की संभावना थी, लेकिन बरसात ने फसल बर्बाद कर दी। बारिश से गेहूं की चमक प्रभावित होगी। बीज की भी गुणवत्ता भी घटेगी। यदि मौसम दो-तीन दिन तक ऐसा ही बना रहा तो गेहूं सड़ जाएगा।
इधर, कुछ क्षेत्रों में अरहर की भी कटाई हो गई थी। इसकी अब पिटाई होनी थी, मगर खेतों में पानी भरने से यह भी प्रभावित हुई है। प्रमुख रूप से खरीफ में इस समय खरबूजा, ककड़ी, खीरा तरबूज, लौकी, कद्दू, करेले की फसलें तैयार थीं, जिन्हें बारिश से नुकसान पहुंचा है। फसलों पर खर्रा की बीमारी का प्रकोप भी तेजी से बढ़ेगा।