लखनऊ। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को चित्रा नक्षत्र में भगवान शिव ने 11वें अंश रुद्र से माता अंजना के गर्भ से हनुमान जी के रूप में जन्म लिया। इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में मनाते हैं। बृहस्पतिवार को जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी।
कृष्णानगर स्थित आशुतोष महादेव मंदिर के पुजारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि हनुमान जी कलयुग में सर्वाधिक पूजे जाने वाले देवता हैं। इनकी पूजा तत्काल फल देने वाली है। हनुमान जयंती पर भक्त व्रत रखकर प्रभु श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी का पूजन कर भजन-कीर्तन करते हैं। व्रत रखकर रामचरित मानस के सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत लाभदायक होता है।
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि सुबह 11:45 से दोपहर 12:35 बजे तक अभिजित मुहूर्त में पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। लाल वस्त्र, लाल चंदन, लाल फूल, सिंदूर, चमेली के तेल का लेप, बेसन के लड्डू और बूंदी का भोग लगाना चाहिए। ज्योतिषाचार्य पुनीत वार्ष्णेय के अनुसार, सिद्धि योग सुबह 05:57 बजे से 07:42 बजे तक रहेगा।